कोरियाई पारंपरिक खाना गाइड | 6 असली स्वाद जो पर्यटक नहीं जानते

🍵कोरिया यात्रा में मिले! 6 पारंपरिक कोरियाई व्यंजन जिन्हें कम ही लोग जानते हैं

कोरियाई ब्यूटी से लेकर यात्रा और खाने तक, बेफ़िक्र होकर आनंद लेने के लिए आपकी वन-स्टॉप कोरिया गाइड 'YEPPURIKO' की ओर से यह लेख प्रस्तुत है।
सामग्योप्सल, तोकबोक्की, चिकन…
कोरियाई खाने की बात हो, तो सबसे पहले यही मशहूर व्यंजन याद आते हैं, है ना?
लेकिन सच तो यह है कि कोरिया में ऐसे कई 'छिपे हुए पारंपरिक व्यंजन' हैं जिनके बारे में पर्यटक ज़्यादा नहीं जानते।
आज हम आपको ऐसे 6 'कम जाने-पहचाने पारंपरिक व्यंजनों' से मिलवाते हैं, जिन्हें कोरियाई लोग पीढ़ियों से संजोते आए हैं✨
🍵 सुजोंगग्वा (수정과) | दालचीनी की खुशबू वाली पारंपरिक डेज़र्ट ड्रिंक
यह दालचीनी और अदरक को उबालकर बनाई जाने वाली एक पारंपरिक कोरियाई डेज़र्ट ड्रिंक है।
इसमें सूखे पर्सिमन (ख़ुरमा) और चिलगोज़े तैरते हैं, और इसका स्वाद मीठा होने के साथ-साथ ताज़गी भरा होता है।
इसे खाने के बाद पिया जाता है, और नए साल व ख़ास मौकों पर यह ख़ूब पिया जाता है।
✅ कब पिएँ?
ज़्यादा खाने के बाद डेज़र्ट की जगह। ठंडा करके पिएँ तो और भी स्वादिष्ट!
🥤 शिक्हे (식혜) | माल्ट से बनी फ़र्मेंटेड मीठी राइस ड्रिंक
यह माल्ट से फ़र्मेंट की गई एक मीठी चावल की ड्रिंक है।
माना जाता है कि यह पाचन में मदद करती है, और नए साल व ख़ास मौकों पर यह एक लोकप्रिय ड्रिंक है।
जिमजिलबांग (कोरियाई सॉना) में भी अक्सर दिखने वाली,यह कोरियाई लोगों के लिए एक आम पसंदीदा ड्रिंक है।
जिमजिलबांग जाएँ, तो शिक्हे और उबले अंडों का सेट ज़रूर आज़माएँ🥚✨🍚 याकशिक (약식) | 'दवा जैसा' पारंपरिक स्टिकी राइस
यह स्टिकी राइस में चेस्टनट, जुजुब (बेर) और चिलगोज़े मिलाकर, सोया सॉस, तिल के तेल और शहद से स्वाद दिया गया एक पारंपरिक व्यंजन है।
इसका अर्थ है 'दवा जैसा भोजन', और इसे शुभ माना जाता है, इसलिए ख़ास मौकों पर यह अक्सर खाया जाता है।
इसकी चिपचिपी-मुलायम बनावट और हल्का मीठा-नमकीन स्वाद इसकी ख़ासियत है, एक बार खाएँगे तो बार-बार खाने का मन करेगा।
😋 स्वाद कैसा है?
यह जापान के सेकिहान (लाल बीन्स वाले चावल) से थोड़ा मिलता-जुलता है, लेकिन सोया सॉस और तिल के तेल की वजह से इसका स्वाद ज़्यादा सोंधा और गहरा होता है।
चेस्टनट और जुजुब की प्राकृतिक मिठास, स्टिकी राइस की मुलायम बनावट के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाती है।
🥢 दोतोरी-मुक (도토리묵) | हेल्दी और जेली जैसी बनावट
यह बलूत (एकॉर्न) के आटे से बना, अगर-अगर जैसी बनावट वाला एक पारंपरिक व्यंजन है।
इसकी अनोखी जेली जैसी बनावट होती है, और इसे तीखी मसालेदार चटनी डालकर खाना सबसे आम तरीका है।
यह कम कैलोरी वाला और हेल्दी है, इसलिए डाइट पर रहने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है।
बाज़ार या किसी रेस्टोरेंट में दिखे, तो एक बार ज़रूर आज़माएँ।
✅ खाने का टिप
सब्ज़ियों या किमची के साथ खाएँ, तो और भी मज़ेदार लगता है!
🎨 गूजोलपान (구절판) | खाने वाली कलाकृति
यह कोरियाई शाही दरबार का व्यंजन है, जिसमें 8 तरह की सामग्री को पतली परत में लपेटकर खाया जाता है।
रंग-बिरंगी सामग्री को जिस ख़ूबसूरती से सजाया जाता है, वह सचमुच किसी कलाकृति जैसा लगता है।
यह सिर्फ़ दिखने में ही शानदार नहीं, बल्कि एक साथ कई सामग्रियों के स्वाद और बनावट का आनंद देने वाला एक शाही व्यंजन है।
🍽️ इसे कैसे खाएँ?
बीच में रखी पतली परत पर, चारों ओर सजी 8 तरह की सामग्री में से थोड़ा-थोड़ा रखें और गोल लपेटकर खाएँ।
हर बार अलग कॉम्बिनेशन का मज़ा लेना ही गूजोलपान की असली ख़ूबी है।
🌸 ह्वाजॉन (화전) | मौसमी फूलों की पंखुड़ियों से बना सुंदर राइस केक
यह मौसमी फूलों की पंखुड़ियाँ रखकर सेंका गया एक पारंपरिक कोरियाई राइस केक है।
वसंत में अज़ेलिया और पतझड़ में गुलदाउदी के फूलों का इस्तेमाल होता है, इसलिए हर मौसम में इसकी अलग ख़ूबसूरती देखने को मिलती है।
दिखने और स्वाद दोनों में यह बेहद नफ़ीस है, सच में इसे 'खाने वाली कला' कहना बिल्कुल सही है।
यह अक्सर पारंपरिक हानजोंगशिक रेस्टोरेंट्स या इनसा-दोंग और सामचोंग-दोंग इलाके के पारंपरिक कैफे में मिल जाता है।
सोशल मीडिया के लिए एकदम परफ़ेक्ट! पहले फ़ोटो लें, फिर स्वाद लें📸🌸📍 कहाँ खाएँ? हमारी सुझाई जगहें
🏪 पारंपरिक बाज़ार
ग्वांगजांग मार्केट और तोंगइन मार्केट जैसे सियोल के पारंपरिक बाज़ारों में आपको कई तरह के पारंपरिक व्यंजन मिल जाएँगे।
दोतोरी-मुक और याकशिक जैसे पुराने ज़माने के स्वाद को आसानी से चखने का मौका ही इनकी ख़ासियत है।
🍽️ हानजोंगशिक (पारंपरिक कोरियाई फ़ुल-कोर्स भोजन) के ख़ास रेस्टोरेंट
अगर आप असली कोरियाई खाने का अनुभव चाहते हैं, तो हानजोंगशिक के ख़ास रेस्टोरेंट बढ़िया विकल्प हैं।
यहाँ गूजोलपान और ह्वाजॉन जैसे व्यंजन शाही दरबार के कोर्स मील में चखे जा सकते हैं।
♨️ जिमजिलबांग
शिक्हे और सुजोंगग्वा का आनंद जिमजिलबांग में आराम से लिया जा सकता है।
सॉना में पसीना बहाने के बाद पी गई शिक्हे का स्वाद ही कुछ और होता है।
☕ इनसा-दोंग और सामचोंग-दोंग इलाके के पारंपरिक कैफे
यहाँ पारंपरिक माहौल में ह्वाजॉन और सुजोंगग्वा जैसी चीज़ें परोसने वाले कई कैफे हैं।
यह ऐसा इलाका है जहाँ आप सुकून भरा समय बिताते हुए कोरियाई पारंपरिक संस्कृति को करीब से महसूस कर सकते हैं।
✨ निष्कर्ष
मशहूर कोरियाई व्यंजन तो अच्छे हैं ही, लेकिन 'कोरियाई लोगों के संजोए हुए इन स्वादों' को जानकर शायद आपको कोरिया और भी ज़्यादा पसंद आने लगे।
अपनी अगली कोरिया यात्रा में, गाइडबुक में न मिलने वाले पारंपरिक व्यंजनों की तलाश में बाज़ारों और पारंपरिक कैफे की सैर क्यों न करें?
यक़ीनन आपको कोरिया का एक नया आकर्षण देखने को मिलेगा🇰🇷✨
















