यह बिना चीरा लगाए धागे से डबल आईलिड लाइन बनाने वाले नेचुरल एडहेज़न डबल आईलिड का इवेंट है। इसमें त्वचा और कंजंक्टिवा के बीच टांके के धागे से लाइन फिक्स की जाती है। यह बरीड (non-incision) तरीका है, इसलिए सर्जरी कम पता चलती है और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लगभग कोई असर नहीं पड़ता। अगर आप नेचुरल लाइन चाहते हैं या कोरिया की छोटी यात्रा के शेड्यूल में सर्जरी करवाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए उपयुक्त है।
यह किनके लिए उपयुक्त है
- जिनकी डबल आईलिड लाइन नहीं है या धुंधली है और जो साफ़ लाइन चाहते हैं
- जो इनर डबल आईलिड जैसी नेचुरल लाइन चाहते हैं, जिसमें सर्जरी कम पता चले
- जिन्हें चीरे वाली सर्जरी से झिझक है और जो सूजन व रिकवरी का समय कम रखना चाहते हैं
- जिनकी कोरिया यात्रा छोटी है और जो कंसल्टेशन से सर्जरी तक जल्दी पूरा करना चाहते हैं
- जिनकी डबल आईलिड लाइन दोनों आँखों में अलग-अलग है या असमानता की चिंता है, और जो पहले अपनी आँखों का विश्लेषण करवाना चाहते हैं
प्रक्रिया
- कंसल्टेशन और आँखों का विश्लेषणआँख की बनावट जटिल और संवेदनशील होती है, इसलिए एक ही सर्जरी तरीके से भी नतीजे का आकार अलग हो सकता है। इसीलिए डबल आईलिड सर्जरी से पहले पलक की त्वचा की मोटाई, आँख खोलने की ताकत और दोनों तरफ़ का संतुलन जाँचा जाता है। कंसल्टेशन के लिए आते समय अपनी पसंद की डबल आईलिड की कई तस्वीरें साथ लाएँ, और सर्कल लेंस व गहरा आई मेकअप न लगाएँ।
- लाइन डिज़ाइनचेहरे के लुक के अनुसार लाइन की ऊँचाई और आकार तय किया जाता है। वीडियो केस में छोटी सिलवटों को भी शामिल करते हुए लाइन नीची रखी गई और इनर डबल आईलिड जैसा लुक डिज़ाइन किया गया।
- तरीके का चुनावजिन आँखों की पलकों पर सिलवटें और त्वचा ज़्यादा होती है, उनमें सिद्धांततः चीरे की ज़रूरत हो सकती है, इसलिए कंसल्टेशन में तय किया जाता है कि बरीड तरीका उपयुक्त है या नहीं। अगर शेड्यूल के कारण जल्दी रिकवरी ज़रूरी है, तो इसे ध्यान में रखकर तरीका तय किया जाता है।
- एनेस्थीसिया और सर्जरीआँखों की सर्जरी सेडेशन एनेस्थीसिया में की जाती है। त्वचा और कंजंक्टिवा के बीच टांके के धागे से फिक्स करके, आँख खोलने वाली मांसपेशी और त्वचा को सहजता से जोड़ते हुए लाइन बनाई जाती है। वीडियो केस में सर्जरी खत्म होने से ठीक पहले मरीज़ को एक बार जगाकर आँख खुलने का आकार और लाइन जाँची गई, फिर सर्जरी पूरी की गई।
इसमें शामिल है
- नेचुरल एडहेज़न डबल आईलिड सर्जरी 1 बार
कीमत VAT सहित है और 30 नवंबर 2026 तक लागू है। उसी दिन सर्जरी संभव है या नहीं, यह कंसल्टेशन के बाद तय किया जाता है। अगर आई-शेप करेक्शन (ptosis correction), कैंथोप्लास्टी जैसी दूसरी सर्जरी साथ में करवाई जाती है, तो ज़रूरी दायरा और खर्च कंसल्टेशन में बताया जाता है।
सर्जरी के दिन से रिकवरी तक
- कोरिया आने से पहलेपसंद की डबल आईलिड की तस्वीरों से दिशा तय की जाती है, और सर्जरी की तारीख व वापसी की फ़्लाइट की तारीख साथ में तय की जाती है।
- सर्जरी का दिनकंसल्टेशन और डिज़ाइन के बाद सेडेशन एनेस्थीसिया में सर्जरी की जाती है। सर्जरी का समय और घर जाने का समय कंसल्टेशन में बताया जाता है।
- सर्जरी के तुरंत बादसूजन और नील पड़ सकते हैं। सूजन को संभालने के तरीके और सावधानियाँ सर्जरी के बाद क्लिनिक बताता है।
- आगे की प्रगतिटांके हटाने का समय और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लौटने का समय आँखों की स्थिति के अनुसार कंसल्टेशन में बताया जाता है। आँखों की स्थिति के अनुसार पहले एक-दो महीने लाइन थोड़ी ऊँची महसूस हो सकती है, फिर धीरे-धीरे नेचुरल हो जाती है।
आफ्टरकेयर
- सर्जरी के बाद देखभाल का तरीका और क्लिनिक विज़िट का शेड्यूल सर्जरी के तरीके के अनुसार बताया जाता है।
- जापानी भाषा का इंटरप्रेटर सर्जरी के दिन तक साथ रहता है और ज़रूरी जानकारी पहुँचाता है।
डॉक्टर और क्लिनिक
प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ और मुख्य डायरेक्टर Lim Ji-hong स्वयं कंसल्टेशन और सर्जरी करते हैं। क्लिनिक में जापानी भाषा का इंटरप्रेटर हमेशा मौजूद रहता है, जो कंसल्टेशन से सर्जरी के दिन तक साथ रहता है; दूसरी भाषाओं के लिए बुकिंग करते समय पूछ लें। सर्जरी के दौरान रियल-टाइम एनेस्थीसिया मॉनिटरिंग, इमरजेंसी उपकरण, स्टेराइल सुविधाएँ और संक्रमण व संदूषण नियंत्रण प्रणाली संचालित की जाती है, और ऑपरेशन रूम में CCTV लगा है। क्लिनिक Gangnam Station के पास, Seocho-gu के Gangnam-daero पर स्थित है।
साइड इफ़ेक्ट और सावधानियाँ
- सर्जरी के बाद ब्लीडिंग, संक्रमण या सूजन (इन्फ़्लेमेशन) हो सकती है, इसलिए क्लिनिक की सावधानियों का पालन करना ज़रूरी है।
- सूजन और नील पड़ना आम है और रिकवरी के दौरान धीरे-धीरे कम हो जाते हैं।
- जिन आँखों की पलक की त्वचा मोटी है या सिलवटें ज़्यादा हैं, उनके लिए बरीड तरीका उपयुक्त न हो सकता है, इसलिए कंसल्टेशन में तय किया जाता है कि चीरे वाले तरीके की ज़रूरत है या नहीं।
- डबल आईलिड लाइन पर आँख खोलने की ताकत और पलक की स्थिति का असर पड़ता है, इसलिए अगर आँख खोलने की ताकत कमज़ोर है, तो आई-शेप करेक्शन साथ में करवाना है या नहीं, यह कंसल्टेशन में तय किया जाता है।
- अगर सर्जरी के बाद लाइन दोनों तरफ़ अलग महसूस हो या पसंद न आए, तो आई रिविज़न सर्जरी के ज़रिए कारण का विश्लेषण करके तरीका तय किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या नेचुरल एडहेज़न डबल आईलिड में चीरा लगाया जाता है?
इसमें चीरा नहीं लगाया जाता; यह एक बरीड (non-incisional) तरीका है, जिसमें त्वचा और कंजंक्टिवा के बीच टांकों के धागे से फ़िक्स किया जाता है।
क्या इसके खुल जाने की चिंता नहीं रहती?
क्लिनिक डबल बरीड तरीके के बारे में बताता है, जिससे इसके खुलने की चिंता कम होती है। आपकी आँखों की स्थिति के अनुसार उपयुक्त तरीका कंसल्टेशन में तय किया जाता है।
क्या सिर्फ़ डबल आईलिड सर्जरी से आँखें बड़ी दिखती हैं?
अगर आपको लगे कि सिर्फ़ डबल आईलिड काफ़ी नहीं है, तो आप आई शेप करेक्शन (ptosis correction) या एपिकैंथोप्लास्टी/कैंथोप्लास्टी के बारे में भी साथ में कंसल्टेशन ले सकते हैं। अगर आँख खोलने की ताकत कमज़ोर है, तो पहले यह जाँचा जाता है कि आई शेप करेक्शन की ज़रूरत है या नहीं।
कंसल्टेशन किस भाषा में होता है?
क्लिनिक में जापानी इंटरप्रेटर हमेशा मौजूद रहते हैं; अन्य भाषाओं के लिए कृपया बुकिंग करते समय पहले से पूछ लें।